93 साल के बुजुर्ग ने अपनी पत्नी के लिए खरीदा मंगलसूत्र, दुकान के मालिक ने आशीर्वाद के रूप में लिए मात्र 20 रुपये

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) की एक ज्वेलरी दुकान में घटित एक सच्ची घटना इन दिनों सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों के दिलों को छू रही है। एक वीडियो, जिसे इंस्टाग्राम यूज़र गिरीश भारद्वाज ने साझा किया है, अब वायरल हो चुका है। इसमें एक साधारण लेकिन गहरे प्रेम से भरा दृश्य देखा गया जिसमें 93 साल के बुजुर्ग ने अपनी पत्नी के लिए खरीदा मंगलसूत्र, और दुकान के मालिक ने उसकी कीमत लेने से इनकार करते हुए मात्र ₹20 को आशीर्वाद स्वरूप स्वीकार किया।

तीर्थ यात्रा के दौरान आया खास मोड़

यह बुजुर्ग दंपती जालना जिले के अंभोरा जहागीर गांव से हैं और पंढरपुर की पदयात्रा पर निकले थे। आषाढ़ी एकादशी के इस धार्मिक अवसर पर, निवृत्ति शिंदे और उनकी पत्नी शांता बाई पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ पैदल चल रहे थे। जब वे छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे, तो रास्ते में एक ज्वेलरी शॉप पर रुककर पत्नी के लिए मंगलसूत्र खरीदने का मन बनाया।

पहले दुकानदार को हुआ भ्रम

सफेद धोती-कुर्ता और टोपी पहने इस बुजुर्ग दंपती को देखकर दुकान के कर्मचारियों को लगा कि शायद वे मदद मांगने आए हैं। लेकिन जब निवृत्ति शिंदे ने कहा कि वे अपनी पत्नी के लिए मंगलसूत्र लेना चाहते हैं और इसके लिए ₹1,120 उन्होंने पहले से ही जमा कर रखे हैं, तो वहां का माहौल एकदम भावनात्मक हो गया।

जब भावनाओं ने कीमती चीज़ों से बढ़कर काम किया

दुकानदार शख्स इस भावनात्मक पल से इतना प्रभावित हुआ कि उसने वह मंगलसूत्र उन्हें तोहफे में दे दिया। उसने पूरी कीमत लेने से मना कर दिया और केवल ₹20 आशीर्वाद के रूप में स्वीकार किए। दुकान मालिक ने बाद में बताया:

यह उनके प्रेम और समर्पण का प्रतीक था। ₹20 मेरे लिए पैसा नहीं, आशीर्वाद थे।

93 साल के बुजुर्ग ने अपनी पत्नी के लिए खरीदा मंगलसूत्र,

इस वायरल वीडियो की खास बातें

इस वीडियो को अब तक सोशल मीडिया पर 2 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है।

यूज़र्स की प्रतिक्रियाएं कुछ इस प्रकार थीं

  • इस उम्र में भी पत्नी के लिए प्यार, यही तो असली रिश्ता है।
  • ना हीरे, ना गाड़ी, सिर्फ एक सच्चा भाव – यही है जीवन।
  • इसने आंखों में आंसू ला दिए। इस उम्र में भी इतना अपनापन?
  • सच्चे प्यार की इससे बेहतर मिसाल नहीं हो सकती।
  • इस वीडियो ने मेरा दिन बना दिया, भावुक कर गया।
  • रिश्तों की असली परिभाषा यही है – समर्पण और साथ।
  • आज के समय में ऐसा प्यार देखना दुर्लभ है।
  • दुकानदार की दरियादिली ने इंसानियत को फिर से जिंदा कर दिया।

क्यों यह कहानी सबके दिल को छू गई?

93 साल के बुजुर्ग ने अपनी पत्नी के लिए खरीदा मंगलसूत्र — यह सिर्फ एक वाक्य नहीं बल्कि उन भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जो आज के समय में कम देखने को मिलती हैं। यह एक ऐसा उदाहरण है जिसमें प्रेम, समर्पण और आत्म-सम्मान तीनों एक साथ दिखाई देते हैं।

यह घटना इसलिए भी खास है क्योंकि

  • दंपती के पास सीमित साधन थे, फिर भी उन्होंने पत्नी के लिए मंगलसूत्र खरीदना जरूरी समझा।
  • दुकान के मालिक ने व्यापार से ऊपर उठकर इंसानियत दिखाई।
  • यह वीडियो अब रिश्तों की परिभाषा को फिर से जीवंत कर रहा है।

जब 93 साल के बुजुर्ग ने अपनी पत्नी के लिए खरीदा मंगलसूत्र, तो यह सिर्फ एक गहने की खरीद नहीं थी। यह एक जीवन भर के साथ, समर्पण और आदर का प्रतीक था।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने यह साबित कर दिया कि

सच्चा प्यार उम्र का मोहताज नहीं होता, और इंसानियत अब भी ज़िंदा है।

यह कहानी आज की पीढ़ी को यह सिखाती है कि सादगी, भावना और प्रेम, आज भी दुनिया में सबसे कीमती हैं।

93 साल के बुजुर्ग ने अपनी पत्नी के लिए खरीदा मंगलसूत्र,

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