कौन हैं विश्वास रमेश? कैसे हुआ ये चमत्कार? 242 यात्रियों में अकेले जिन्होंने मौत को मात दी

कौन हैं विश्वास रमेश? कैसे हुआ ये चमत्कार?

गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 (बोइंग 787 ड्रीमलाइनर) एक भयानक हादसे का शिकार हो गई। विमान टेकऑफ के महज 33 सेकंड बाद ही एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया। इस हादसे में 242 लोगों में से 241 लोगों की जान चली गई, लेकिन एक व्यक्ति – विश्वास कुमार रमेश, 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक – इस भीषण हादसे में चमत्कारी रूप से बच निकले। अब उनकी सीट 11A और उनकी कहानी पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।

कौन हैं विश्वास कुमार रमेश?

विश्वास रमेश एक ब्रिटिश नागरिक हैं, जो पिछले 20 वर्षों से लंदन में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। हाल ही में वे अपने बड़े भाई अजय कुमार रमेश (45) के साथ भारत आए थे, जहां उन्होंने दीव (Diu) में कुछ समय बिताया। छुट्टी के बाद वे दोनों अहमदाबाद से लंदन के लिए फ्लाइट AI-171 से रवाना हुए।

फ्लाइट में विश्वास की सीट 11A थी, जबकि उनके भाई किसी और पंक्ति में बैठे थे। टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान में ज़ोरदार धमाका हुआ और वह मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से टकरा गया।

हादसे की भयावहता और विश्वास की आपबीती

विश्वास बताते हैं:

जैसे ही फ्लाइट ने उड़ान भरी, करीब 30 सेकंड के भीतर एक तेज़ धमाका हुआ। मुझे कुछ समझ नहीं आया – सब कुछ एकदम धुंधला हो गया। होश आया तो देखा कि चारों ओर शव बिखरे पड़े थे, प्लेन के टुकड़े इधर-उधर थे। मैं घबराया हुआ उठा और जैसे-तैसे बाहर निकला। तभी किसी ने मुझे पकड़कर एम्बुलेंस तक पहुंचाया और अस्पताल में भर्ती कराया।”
इस दर्दनाक हादसे में विश्वास के भाई अजय का कोई पता नहीं चल पाया है, और विश्वास बार-बार कहते हैं:

वह मेरे साथ ही सफर कर रहे थे, लेकिन अब नहीं मिल रहे

कौन हैं विश्वास रमेश? कैसे हुआ ये चमत्कार?

सीट 11A बनी चर्चा का विषय

लेकिन इस पर लोगों की अलग-अलग राय है:

  • कोई कहता है, “ये चमत्कार है।”
  • कोई कहता है, “उनका वक्त नहीं आया था।”
  • कोई कहता है, “भाग्य में कुछ और लिखा था।”
  • सोशल मीडिया पर भी इस सीट को लेकर भारी चर्चा हो रही है

वर्तमान स्थिति और मेडिकल रिपोर्ट

विश्वास कुमार रमेश वर्तमान स्थिति और मेडिकल रिपोर्ट

विश्वास को छाती, आंखों और पैरों में चोटें आई हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति गंभीर नहीं है।

डॉ. रजनीश पटेल (प्रोफेसर, सर्जरी विभाग, सिविल अस्पताल, अहमदाबाद) के अनुसार:

उन्हें कुछ अंदरूनी खून का थक्का दिखा है लेकिन वह स्थिर हैं और आराम से हैं। कुछ ही दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

प्लेन में कौन-कौन सवार थे?

AI-171 फ्लाइट में कुल 242 लोग सवार थे:

230 यात्री

12 क्रू मेंबर

इनमें:

169 भारतीय

53 ब्रिटिश नागरिक

7 पुर्तगाली

1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।

इस प्लेन को कैप्टन सुमित सभरवाल उड़ा रहे थे, जिनके पास 8200 घंटे का उड़ान अनुभव था। उनके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर भी मौजूद थे।

हादसे के बाद दिल्ली से अहमदाबाद आने वाली कई फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया था।

कौन हैं विश्वास रमेश? कैसे हुआ ये चमत्कार?

विश्वास की कहानी – एक प्रेरणा

इस हादसे में विश्वास की जिंदगी बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। जब पूरा विमान खाक हो गया, 241 लोग मारे गए, तब भी एक व्यक्ति का जिंदा रह जाना एक ऐसी घटना है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।

लोग कह रहे हैं

“ये उनका भाग्य था।”

“ईश्वर ने उन्हें किसी उद्देश्य के लिए बचाया।”

11A अब सिर्फ एक सीट नहीं, एक मिसाल बन गई है

जहां 241 परिवार आज शोक में डूबे हैं, वहीं एक परिवार को विश्वास के रूप में जीवनदान मिला है।
यह घटना हमें यह सिखाती है कि जीवन कितना अनिश्चित है और चमत्कार कहीं से भी, कभी भी हो सकते हैं।

विश्वास कुमार रमेश आज ज़िंदा हैं – यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि इंसानी जिजीविषा और भाग्य का जीवंत उदाहरण है

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