AI-171 प्लेन क्रैश में दो चमत्कार: विश्वास रमेश की ज़िंदा वापसी और जलती राख में सुरक्षित मिली श्रीमद्भगवद्गीता

AI-171 प्लेन क्रैश में दो चमत्कार: विश्वास रमेश की ज़िंदा वापसी और जलती राख में सुरक्षित मिली श्रीमद्भगवद्गीता

एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रही थी, उड़ान भरने के महज 30 सेकंड के भीतर एक दिल दहला देने वाले हादसे का शिकार हो गई। यह दुर्घटना शहर के मेघाणी नगर इलाके में स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के हॉस्टल से टकराकर हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

जिसमें 260 से अधिक लोगों की जान चली गई। लेकिन इस भयानक त्रासदी के बीच दो चमत्कार सामने आए – पहला, सीट 11A पर बैठे विश्वास कुमार रमेश की चमत्कारिक तरह से बची जान और दूसरा, मलबे के बीच श्रीमद्भगवद्गीता का लगभग सुरक्षित मिलना।

चमत्कार 1: अकेले बचे यात्री – विश्वास कुमार रमेश

40 वर्षीय विश्वास रमेश, जो कि एक ब्रिटिश नागरिक हैं और भारत में अपने परिवार से मिलने आए थे, इस क्रैश के एकमात्र जीवित यात्री हैं। हादसे के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया

टेकऑफ के लगभग 30 सेकंड बाद जोरदार धमाका हुआ और फिर सब कुछ खत्म हो गया। जब मेरी आंख खुली, चारों ओर सिर्फ धुआं और लाशें थीं। मैं घबरा गया था, लेकिन जैसे-तैसे उठकर भागा और किसी ने मुझे एम्बुलेंस में डाल दिया।

चमत्कार 2: आग की लपटों में भी सुरक्षित रही श्रीमद्भगवद्गीता

जब राहत और बचाव कार्य चल रहा था, तो मलबे में एक किताब पर नजर पड़ी।

शुरुआत में सभी को लगा कि किताब जल चुकी होगी,

लेकिन पास जाकर देखने पर राहतकर्मियों ने पाया कि वह किताब श्रीमद्भगवद्गीता थी – और वह लगभग सही-सलामत हालत में थी।

एक स्वयंसेवक ने बताया

हमें लगा कि यह पूरी तरह जल चुकी होगी,

लेकिन जब पास जाकर देखा तो पन्नों पर सिर्फ हल्की कालिख थी, किताब पढ़ने लायक थी। एक भी पन्ना जला नहीं था।

सोशल मीडिया पर भावनाओं की लहर

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा है।

कई यूज़र्स ने इसे आस्था की जीत और दैवीय संकेत बताया। एक यूजर ने लिखा

भगवान श्रीकृष्ण की गीता को आग भी नहीं जला पाई, यह कलियुग में एक बड़ा संदेश है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर विश्वास से मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर विश्वास से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

हादसे की गंभीरता

फ्लाइट: Air India Boeing 787-7 Dreamliner (AI171)

  • यात्री: 230 यात्री + 12 क्रू मेंबर
  • स्थान: मेघाणी नगर, अहमदाबाद
  • हादसा: टेकऑफ के 30 सेकंड के भीतर दुर्घटनाग्रस्त
  • स्थिति: विमान में आग लग गई और वह मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गया
  • मृत्यु: 260+ लोगों की मौत पहचान: DNA जांच से की जा रही है
  • इस हादसे में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी जीवित नहीं बच पाए है उनका ये सफ़र अधुरा रहा।

हादसे की जांच और प्रशासन की प्रतिक्रिया

फिलहाल DGCA और अन्य तकनीकी एजेंसियां क्रैश के कारणों की जांच में जुटी हैं।

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, तकनीकी खराबी या बर्ड हिट की संभावना को लेकर जांच की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए लिखा की:

हम सभी अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना से स्तब्ध हैं। इतनी ज़िंदगियों का यूं अचानक अंत होना दिल तोड़ने वाला है। हम सभी पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। ओम् शांति।

AI-171 की इस भयावह दुर्घटना में जहां एक ओर 260 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे, वहीं विश्वास रमेश की बहादुरी और श्रीमद्भगवद्गीता का सुरक्षित मिलना एक मानवता और आस्था का प्रतीक बनकर सामने आया है।

इस घटना ने यह दिखाया कि भले ही जीवन कितना भी अस्थिर हो, आशा की किरण और आस्था की ताकत हमें हमेशा प्रेरित करती

AI-171 प्लेन क्रैश में दो चमत्कार: विश्वास रमेश की ज़िंदा वापसी और जलती राख में सुरक्षित मिली श्रीमद्भगवद्गीता

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