श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर का भूमिपूजन 30 जून को मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित बड़े संत-नेताओं के आने की संभावना

श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर का भूमिपूजन 30 जून

Khandwa News: मध्यप्रदेश के धार्मिक शहर खंडवा में स्थित श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर (Dada Ji Mandir) एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। 30 जून 2025 को मंदिर के नवनिर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कई वरिष्ठ संत और राष्ट्रीय नेता शामिल हो सकते हैं।

श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर का भूमिपूजन 30 जून

100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य मंदिर

खंडवा में स्थित Dada Ji Mandir को महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इस विशाल परियोजना की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं

  • निर्माण में पूरे संगमरमर का प्रयोग किया जाएगा।
  • मंदिर का डिज़ाइन पारंपरिक और आधुनिक वास्तुकला का मेल होगा।
  • श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष दर्शन व्यवस्था, हॉल और धाम निर्माण प्रस्तावित है।
  • मंदिर का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना भी है।

27 वर्षों से चला आ रहा कानूनी पेंच

Dada Ji Maharaj Mandir को लेकर पिछले 27 वर्षों से चल रहा भूमि विवाद अब समाप्त हो चुका है। यह मंदिर अब बिना किसी कानूनी अड़चन के एक आधिकारिक और पारदर्शी समिति द्वारा निर्मित किया जाएगा।

  • मंदिर निर्माण के लिए 16 सदस्यीय समिति गठित की गई है।
  • श्रद्धालु QR कोड या बैंक खाता के माध्यम से दान कर सकते हैं।
  • निर्माण प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन की पूरी भागीदारी होगी।

गुरु पूर्णिमा पर भक्तों की आस्था की बाढ़

गुरु पूर्णिमा पर Dada Ji Maharaj के

गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई 2025 को आने वाली है, और Khandwa में इस दिन भक्तिभाव की अनूठी झलक देखने को मिलती है। Dada Ji Maharaj के प्रति श्रद्धा सिर्फ खंडवा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे देशभर से श्रद्धालु इस दिन खंडवा पहुंचते हैं।

श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर का भूमिपूजन 30 जून

देशभर से आने वाले भक्त

  • महाराष्ट्र से आने वाले भक्त भारी संख्या में होते हैं।
  • गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी लोग दादाजी के दर्शन के लिए खंडवा पहुंचते हैं।
  • कई श्रद्धालु रातभर यात्रा करके सिर्फ एक झलक पाने आते हैं।

इस दिन की खासियत

Dada Ji Maharaj को सच्चे गुरु का दर्जा दिया जाता है।

मंदिर परिसर में विशेष पूजा, आरती और भजन संध्या का आयोजन होता है।

शाम को धूनी पूजा होती है, जिसमें भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर भाग लेते हैं।

Khandwa में सेवा का विशेष रूप भंडारे और प्रसाद वितरण

गुरु पूर्णिमा के दिन Khandwa के हर गली, मोहल्ले, गांव और चौक पर सेवा की छवियाँ देखने को मिलती हैं। हर कोई अपने तरीके से Dada Ji Maharaj के प्रति सेवा भाव प्रकट करता है।

सेवा के कुछ लोकप्रिय रूप


कोई श्रद्धालु पोहा और चाय बाँटता है।

कई जगहों पर खिचड़ी, आलू बड़ा और गुलाब जामुन का प्रसाद वितरित किया जाता है।

गांवों में भी भंडारे और भोजन प्रसादी की परंपरा चलती आ रही है।

सेवा भावना के कुछ विशेष उदाहरण

स्थानीय व्यापारी खुद की दुकानें बंद कर सेवा में जुट जाते हैं।

युवा मंडल जल सेवा, साफ-सफाई और सुरक्षा में सहयोग देते हैं।

महिलाएं भी रसोई और सजावट में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं।

CM कार्यालय और प्रशासन की तैयारियाँ

Dada Ji Mandir के भूमिपूजन और गुरु पूर्णिमा जैसे बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने उच्च स्तरीय तैयारी शुरू कर दी है।

तैयारियों की मुख्य बातें
संयुक्त कलेक्टर अंशु जावला और नगर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने स्थल का निरीक्षण किया।

ट्रैफिक कंट्रोल, पार्किंग, प्रसाद वितरण और बैठने की व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की गई।

स्वच्छता, प्राथमिक उपचार और पानी की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। Khandwa News में यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि Dada Ji Maharaj की आस्था, लोगों की सेवा भावना, और सामाजिक एकता का उत्सव बन गया है। Dada Ji Mandir के नव निर्माण और गुरु पूर्णिमा के संगम ने खंडवा को एक बार फिर राष्ट्रीय धार्मिक मानचित्र पर स्थापित कर दिया है।

श्री दादाजी धूनीवाले मंदिर का भूमिपूजन 30 जून

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